Tuesday, 28 September 2021

सुमिरिनी के मनके-घड़ी के पुर्ज़े

 हिंदी ऐच्छिक-12वीं कक्षा-सुमिरिनी के मनके प्रश्नोतर


            अंतरा कक्षा-12वीं हिंदी (ऐच्छिक)

                   सुमिरिनी के मनके

                       घड़ी के पुर्ज़े

           लघु प्रश्नोतर -CBSE के नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित

1-धर्म के रहस्य को कौन जानने की कोशिश न करें?

उत्तर-प्रत्येक मनुष्य

2-धर्म के विषय में साधारण मनुष्य क्या करें?

उत्तर- कान ढलका कर सुन ने।

3-कान ढलका कर का क्या अर्थ है?

उत्तर-कान खोलकर सुनना।

4-इस मत के समर्थन में किसका उदाहरण दिया जाता है?

उत्तर- घड़ी का।

5-घड़ी किस काम आती है?

उत्तर- समय बताने के।

6-साधारण व्यक्ति से क्या नहीं होगा?

उत्तर-घड़ी को खोल कर उसके पुर्ज़े लगाना।

7-घड़ी के पुर्ज़े लगाने का अधिकारी कौन नहीं है?

उत्तर-साधारण व्यक्ति।

8-धर्म के विषय में जानने का अधिकार किसको है?

उत्तर-वेदशास्त्रज्ञ व धर्माचार्यों का।

9-किस कार्य मे जन्म व कर्म की पख न लगाएं?

उत्तर-घड़ी देखने में।

10-लेखक घड़ी ठीक करने के लिए किसे नहीं देने की बात कहते है?

उत्तर-अनाड़ी को।

11-लेखक के अनुसार घड़ी ठीक करने को किसे देना चाहिए?

उत्तर-उस व्यक्ति को जो घड़ीसाज़ी का इम्तहान पास करके आया है।

12-लेखक को किन लोगों पर शक होता है कि उन्हें घड़ी ठीक करना आता है भी के नहीं?

उत्तर-उन्हें जिन्हें इस कार्य को करने का अधिकार उनकी कबिलितत नहीं बल्कि उनके परदादा के कारण मिला है।

13-कहानी का मोलभाव क्या है?

उत्तर-मनुष्य धर्म के विषय में चुपचाप सुने उसके रहस्य को जानने का प्रयास ना करें।

14-धर्माचार्य साधारण व्यक्ति को धर्म का रहस्य जानने से क्यो रोकते है?

उत्तर-लेखक के अनुसार धर्माचार्यों को स्वयं धर्म का रहस्य नहीं मालूम इसलिए दूसरों को भी जानने से रोकते हैं।

15-दृष्टांत का क्या अर्थ है?

उत्तर-उदाहरण।

No comments:

Post a Comment

MCQ Based Q.Ans सुमिरिनी के मनके (अंतरा भाग-2)

                      बहुविकल्पी प्रश्न-उत्तर        सुमिरिनी के मनके-अंतरा भाग-2 गद्य खंड          (CBSE के नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार) 1. ढेले...